मेंढ़क की सीख
मेंढ़क की सीख एक समय की बात है, एक हरे-भरे जंगल में एक बूढ़ा और बुद्धिमान मेंढक रहता था। उसकी उम्र बहुत ज्यादा थी और उसने अपने जीवन में कई चीजें देखी थी। उसके ज्ञान और बुद्धिमत्ता के कारण जंगल के सभी जंगली जीवों द्वारा उसका सम्मान किया जाता था। एक दिन, एक चालाक और चालबाज साँ प वहाँ आया। उसने बुद्धिमान मेढक से सलाह मांगी। साँप ने कहा, "ओ बुद्धिमान मेढक! मैं शक्तिशाली और जवान हूँ किंतु कोई भी मेरा सम्मान नहीं करता। सभी मुझसे दूर भागते हैं। मैं जंगल के सभी जीवों द्वारा सम्मान और प्यार पाना चाहता हूं। मैं ऐसा कैसे कर सकता हूं?" बुद्धिमान मेढक ने साँप को देखा और कहा, " सम्मान और प्यार जबरदस्ती नहीं पाए जा सकते हैं और नहीं जो दूसरों पर थोपे जा सकते हैं। वे तो अनुशासन, ईमानदारी और अच्छे व्यवहार से पाए जाते हैं।" साँप सोचने लगा और पूछा, "लेकिन साँप कैसे अनुशासन, ईमानदारी और अच्छे व्यवहार का वचन दे सकते हैं? ज्यादातर जीव हमसे डरे हुए रहते हैं और हमसे नफरत करते हैं।" बुद्धिमान में...